Tuesday, June 7, 2011

Me and You

I chose to stay indifferent when you gave me such beautiful mates, I chose to be weak when you were there to be all the strength, I hate this life when you were there to love me, for me sin is a way I can be closer to you, if you forgive my sinister soul, I can be greatful though.

Tuesday, April 12, 2011

कौन कमबख्त लिखने के लिए लिखता हैं



कौन कमबख्त लिखने के लिए लिखता हैं


हम तो लिखते हैं भावनाओ को शब्दों में पिरोने के लिए


हम तो लिखते है इस दिल का गम छुपाने के लिए


हम तो लिखते हैं इस चेहरे की ख़ुशी झलकने के लिए


हम तो लिखते हैं इस रूह की मासूमियत दिखलाने के लिए


कौन कम्बखत लिखने के लिए लिखता हैं !!

Sunday, April 10, 2011

बेरहम दिन


मुद्दत से इंतज़ार था इस दिन का,

के वो भी आया उनकी तरह और रूठ कर चला गया


नवीन

आज मैं विचलित हूँ


आज मैं विचलित हूँ ये देख,

मानव अलंकृत होते हुए और मनुष्ठ सिकुड़ती हुई,

प्यार बिकता हुआ दिल झुलसते हुए,

आज मैं विचलित हु ये देख


नवीन

Umeed

सुना था ये कभी "उम्मीद की शमा जलाए रखना ... की अपना भी ख्याल रखना और उनका भी पता रखना" बेनाम

बेरुखी

समझाते हुए भी बेखबर हैं तू,
बेखबर रह कर भी सब समझ जाती हैं!

दिल की उदासी देख हस जाती हैं तू,

इस दिल की ख़ुशी देख रो जाती हैं !


नवीन

ख्वाब

लिखने चले हैं किस्मत अपनी इन हाथो की बनावट पर न जाइये!
ऐसे ही बनती हैं किस्मते इन ख्वाबो की चुलबुलाहट पे न जाइये !!


नवीन