Sunday, April 10, 2011

बेरुखी

समझाते हुए भी बेखबर हैं तू,
बेखबर रह कर भी सब समझ जाती हैं!

दिल की उदासी देख हस जाती हैं तू,

इस दिल की ख़ुशी देख रो जाती हैं !


नवीन

1 comment:

  1. nice going frend ! keep it up ! really a great going !

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